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तीन मजेदार कहानिया, kahaniya, कहानिया, hindi story, रास्ते से गुजरते एक जौहरी ने देखा कि एक कुमार गधे के गले में हीरा बांधकर चला जा रहा है कहानियां (majedaar kahani), (kahaniya) चकित होकर जोहरी ने पूछा कितने पैसे लेगा
तीन मजेदार कहानिया : majedaar kahani
परख अपनी-अपनी कहानिया : kahaniya
इस पत्थर के कुमार ने कहा 1 रुपये मिल जाए तो बहुत है जो जोहरी कहानियां (Hindi kahaniya) कहा की कोई तुम्हे ठग लेगा, कहानियां (majedaar kahani) कुमार ने कहा की नहीं मुझे कौन ठेगा किंतु जो जोहरी सोचा कुम्हार हीरा को पत्थर समझ रहा है अभी लौटे का तो दे जाएगा, (कहानियां) but रस्ते में एक बाबा मिले और कुम्हार ने हीरा बाबा को दे दिया और वापिस आने लगा तो जोहरी ने कहा की वो हेरा कहा गया और कुम्हार ने बताया की वो हेरा तो मेने एक बाबा को दे दिया जोहरी को सदमा बैठ गया. (Hindi kahaniya)
जोहरी ने कहा अरे कुम्हार वो हीरा लाखो का था और तुमने कोदिये के दाम बेच दिया तुम तो मुर्ख ही निकले क्या हीरा गधे के गले में बांधते किंतु आप स्वयं को क्या कहेंगे जब आपको मालूम था कि हीरा लाखों का है फिर भी कौड़ियों के दाम चुकाने में लगे रहे, एक व्यक्ति कुम्हार और जोहरी की तरह है कुछ तो अनजाने में ही इस जीवन को हीरे की भांति गवा देते हैं और कुछ जानते-समझते हुए भी उसे बर्बाद कर देते हैं
ना कहने का साहस कहानिया : kahaniya
kahaniya, इस समय किसी राक्षस में एक आदमी को पकड़ लिया उसने उसे खाया नहीं डराया और कहा मेरी मर्जी के कामों में लगातार करता रहेगा ढील की तो खा जाऊंगा , आदमी काम करता रहा जब थक कर चूर हो गया और उसकी हिम्मत तो जवाब देने लगे तो उसने सोचा रोज रोज मरने से तो अच्छा है एक बार मैं मना कर दूं उसने राक्षस से कहा जो मर्जी हो कर ले मैं इस तरह तिल-तिलकर नहीं मर सकता
मेरे अंदर जितने हिम्मत है मैं उतना ही काम करुंगा तो मैं तेरे डर के मारे रोज अपनी हिम्मत के बिना काम नहीं कर सकता राक्षस ने सोचा काम का आदमी है थोड़ा थोड़ा काम बहुत दिन तक करता रहे तो क्या बुरा है एक ही दिन खा जाने पर तो उसे हाथ से हाथ धोना ही पड़ेगा जो उसके द्वारा मिलता रहता है राक्षस ने समझोता कर लिया और उसे खाया नहीं थोड़ा काम करते रहने की बात मान ली समझ लीजिए हमने ना कहने की हिम्मत होनी चाहिए गलत काम कर समर्थन नहीं करना चाहिए उस में सहयोग नहीं देना चाहिए जिसमें इतना साहस ना हो उसे सच्चे अर्थों में मनुष्य नहीं कहा जा सकता Because आज कोई किसी के लिए नहीं , हमें अपने अधिकारों के लिए ही खड़ा होना पड़ेगा स्वयं ही लड़ना पड़ेगा तभी हम दूसरों को पीछे करके आगे बढ़ पाएंगे
कानों का कच्चा कहानिया : Hindi kahaniya
एक राजा था जिसकी कोई भी तारीफ करता था कहानियां (kahaniya) राजा खुश हो कर कुछ भी कर देता था एक दिन एक चरवाहा आया और राजा की तारीफ की और राजा ने उसे अपने यह पर नोकरी दे दी, उसके मन में एक शंका बनी रहेगी यह तो राजा कानों का कच्चा है जल्दबाजी के स्वभाव में कुछ भी कर सकता हैकिसी को भी नौकरी से हटा सकता है और बिना कुछ सोचे समझे उसे यहां से निकाल सकता है इसलिए अपना चलने का सामान उसे तैयार रखना चाहिए ना जाने कब राजा उसे निकाल दे चरवाहे ने अपने रहने के लिए कोठरी थी उसमें वह रात को ठहरता और दिन में ताला लगा देता.
but राजा ने सोचा की कही ये चोरी तो नहीं कर रहा है चार बार दिन में जब यहां काम करता है तो यहां से पैसे चुरा कर अपनी कोठरी में रख लेता है और उसी में जमा करता है इससे उसके पास बहुत सारा धन हो जाएगा और एक दिन वह बिना राजा को बताइए यहां से चला जाएगा राजा यही सोच रहा था. राजा को कुछ शक हुआ और उसने अपने सिपाहियों से जल्दी उस की कोठरी की तलाशी लेने के लिए कहा सिपाही कोठरी की तलाशी लेनी शुरू कर दी कोठरी में केवल कपड़े के जूते ही मिले वह घर से लेकर आया था पूछने पर चरवाहे में ने कहा कि मैं यह अपने घर से फटी पुराने जमा कर रखी है कि ना जाने राजा कब मुझे यहां से निकाल दे और मैं अपने घर की तरफ चला जाऊंगा कोठरी की तलाशी राजा कान का कच्चा है ऐसे मुझे कानों के कच्चा स्वभाव के व्यक्ति कब मुझे यह से निकल दे सो में अब यह से जा रहा हु इसलिए जो भी में समान यह पर लाया था वही लेकर यह से जा रहा हु. kahaniya
जब सारी बातें सामने आई तो राजा को पछतावा हुआ उसने उसे रोकना चाहा परंतु वह नहीं रुका सरकारी पोशाक उतार दी और अपने पुराने कपड़ों में ही चला गया राजा को समझ आ गया कि किसी की कही सुनी बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए कभी कभी तो हम कानों से सुनते और आंखों से देखते हैं वह भी गलत होता है अतः कुछ करने से पहले पहले उसे 10 बार सोचना चाहिए कभी उस पर निर्णय लेना चाहिए.
जिम्मेदारी की सही समझ नयी कहानी
आपने पहली कहानी पढ़ी परख अपनी-अपनी इसमें इंसान को सभी चीजों की परख होनी चाहिए उसे पता होना चाहिए, की वह क्या कर सकता है उसे सही गलत का ज्ञान होना चाहिए दूसरी कहानी में हमे यह सिखने को मिलता है की जब तक हम स्वयं कोई काम नहीं करते है तब तक हमे ज्ञान नहीं होता है जब तक हम कहने का प्रयास नहीं करते है तब तक कुछ भी नहीं होता है और तीसरी कहानी जब तक हमे बात का सच पता नहीं चलता है, तब तक हमे यकीन नहीं करना चाहिए, तीन मजेदार कहानिया, kahaniya, hindi kahani, majedaar kahani, अगर आपको यह सभी कहानिया पसंद आयी है तो आप इन्हे शेयर कर सकते है आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है
जल्दबाजी का काम मजेदार कहानी : majedaar kahani
kahaniya, वह अभी कुछ देर के लिए बैठा था तभी उसका नौकर पानी लेकर आया था मालिक ने कहा कि जल्दी ही दो चाय बनाकर लाओ हमारे दोस्त भी आये है यह बता सुनकर वह नौकर किचन में चल जाता है दोनों बाते करने लगते है but अभी तक चाय नहीं आयी थी मालिक ने कहा की जल्दी चाय लेकर आओ तुम कहा रह जाते हो, जब भी कोई काम बताया जाता है यह उसे जल्दी पूरा नहीं करता है
आवाज को सुनकर नौकर डर जाता है और जल्दी ही चाय लेकर आता है वह चाय मलकी के ऊपर गिरा देता है और उनका दोस्त हसने लगता है वह कहता है की तुमने तो इसे बहुत ज्यादा ही डरा दिया है यह चाहे भी बहुत तेजी से लेकर आया था और रुक नहीं पाया था जिसके कारण ऐसा हो गया था मालिक गुस्सा करने लगते है मगर उनका दोस्त यही बात कहता है की तुम्हे गुस्सा नहीं करना चाहिए,
Because अभी चाय नहीं बनी थी और तुमने उसे आवाज लगा दी थी जो काम अपने समय पर होता है वह तभी होगा हम दोनों उसमे कुछ नहीं कर सकते है वह अपने दोस्त की बात समझ जाता है कुछ बाते जीवन में ऐसी होती है जिनका हमे पता नहीं होता है मगर हमे सोचना चाहिए शायद हम उन्हें समझ सकते है, kahaniya, hindi kahani, majedaar kahani, अगर आपको यह सभी कहानिया पसंद आयी है तो आप इन्हे शेयर कर सकते है आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है.
चमत्कार पेड़ की मजेदार कहानी : majedaar kahani
kahaniya, हमने अपने आँगन में यह पेड़ बहुत समय से देखा है but मुझे लगता है की यह पेड़ चमत्कारी लगता है because इस पेड़ से हमे बहुत रौशनी नज़र आती है, मुझे समझ नहीं आता है की इस पेड़ से रौशनी क्यों आती है यह हमे पता करना चाहिए, वह पेड़ पर चढ़ जाता है और देखता है की यह पेड़ क्या करता है but उसे कुछ भी समझ नहीं आता है, यह पेड़ लगता तो साधारण ही है, but देखने में यह कुछ और ही लगता है,
पेड़ उसे नीचे गिरा देता है, because वह पेड़ कहता है की तुम मुझे परेशान कर रहे हो but वह आदमी कहता है की तुम चमत्कारी पेड़ हो but मुझे कुछ नहीं दे रहे हो, वह पेड़ कहता है की में चमत्कारी पेड़ नहीं हु में तुम्हे बहुत कुछ देता हु मगर तुम भूल गए हो जब तुम्हे भूख लगती है तो तुम मेरे फल खाते हो, जब तुम्हे सोना होता है तो तुम मेरे नीचे छाँव लेते हो, फिर भी तुम मुझसे कुछ और मांग रहे हो, यह अच्छी बात नहीं है जितना तुम्हे मिला है वह कम है,
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वह आदमी कहता है की तुम मुझे धन दो, वह मेरे लिए बहुत होगा, but पेड़ ऐसा नहीं कर सकता है वह कोई चमत्कारी पेड़ नहीं है but उस पेड़ से रौशनी निकलती है तभी वह उसे चमत्कारों पेड़ कहता है अब वह आदमी समझ गया था की उससे बहुत बड़ी गलती हुई है हम जीवन में बहुत अधिक की इच्छा रखते है जोकि ठीक नहीं है, अगर आपको यह kahaniya, hindi kahani, majedaar kahani पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे
चोर ने माफ़ी मांगी हिंदी कहानी : majedaar kahani
kahaniya, तुमने इस अनजान आदमी को अपने घर में क्यों रख लिया है, जबकि यह बात ठीक नहीं है, वह आदमी कहता है की मुझे यह परेशान लग रहा था यह इस गांव में किसी को भी नहीं जानता है इसलिए मेने इसकी मदद की है, मुझे ऐसा लगता है की यह आदमी बहुत अच्छा है, Because मेरा मन कहता है, की सब ठीक है, तभी वह फिर से कहता है की तुम्हे ऐसा लगता है अगर इसने तुम्हे भी परेशानी दी तो मुसीबत आ सकती है, Because कोई भी इसे नहीं जानता था,
वह आदमी कहता है की कोई बात नहीं है सब ठीक होगा, रात हो चुकी थी सभी लोग सो गए थे, वह आदमी देखता है की इन्होने मुझे अपने यहां पर रहने के लिए जगह दी है, but मुझे यह नहीं जानते है की में एक चोर हु में यहां से सारा सामान लेकर चला जाता हु, वह घर से सामान लेना शुरू करता है उसने बहुत सारा सामान ले लिया था, तभी उसका पड़ोसी देखता है की यह आदमी बारे जा रहा है जबकि मुझे इस पर पहले से ही शक था, यह चोरी कर रहा है, मुझे लगता है की यहां से भागने की तैयारी में है, वह उसे पकड़ लेता है उस आदमी को आवाज लगाता है,
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वह जाग जाता है वह आता और देखता है की वह आदमी बाहर खड़ा है उसका पड़ोसी भी साथ में है, क्या बात हो सकती है वह जाता है उसका पड़ोसी कहता है की यह भाग रहा था, मेने इसे पकड़ा है इसके पास सामान भी है तभी वह आदमी कहता है की मेने ही इसे मना किया था की कल चले जाना but यह तो आज ही जा रहा है मुझे नहीं पता था की यह चला जायेगा यह अपना सामान लिए हुए है, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं यह सुनकर वह चोर माफ़ी मांगता है, Because वह समझ जाता है की वह गलत कर रहा है जीवन में ऐसा कोई काम न करे जोकि परेशानी में डाल सकता है,
Kahaniya : बीरबल और कागज़ के फूल की कहानियां
kahaniya, बीरबल ने देखा कि एक जगह पर एक आदमी कागज के फूल बनाकर बेच रहा था, बीरबल उस आदमी को देख रहा था सोच रहा था कि बहुत ही अच्छे फूल बनाए हैं, बीरबल को सभी फूल बहुत पसंद आ रहे थे इसलिए बीरबल उस आदमी के पास जाते हैं और उन फूलों को लेने के लिए उस आदमी से कहते हैं, kahaniya
बीरबल को देखता हूं खुश हो जाता है और सोचता है कि आप मेरे फुल लेना चाहते हैं जबकि है इतने अच्छे नहीं है तभी बीरबल जी कहते हैं कि जो इंसान अपने हाथों से यह काम करता है उसके फूल अच्छे क्यों नहीं हो सकते यह सुनकर वह आदमी खुश हो जाता होगी बीरबल को फूल दे देता है जब बीरबल उसे धन देने की कोशिश करते हैं तो आदमी कहता है कि आप से मुझे कोई धन नहीं चाहिए आपने मुझे अच्छी तरह से समझा यही मेरे लिए बहुत है
बीरबल को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह आदमी इतना अच्छा है और बहुत ही गरीब लग रहा है वह मुझसे धन भी नहीं दे रहा है मुझे इसकी मदद करनी चाहिए वह आदमी से पूछते हैं कि तुम्हें क्या परेशानी है शायद मैं इससे तुम्हारी समस्या को दूर कर सकता हूं वे आदमी कहता है कि मेरा काम तो फूल बनाकर बेचना है और इससे मुझे जो भी धन मिलता है उससे मैं अपना गुजारा कर लेता हूं यह मेरे लिए बहुत ही कम धन मिलता है but फिर भी मैं इसमें काम चला लेता हूं बीरबल ने जब यह सुना अच्छा नहीं लग रहा था
Because वह बहुत ही गरीब था वह बहुत मुश्किल से अपना जीवन चला रहा था बीरबल आदमी से कहते हैं कि तुम ही मेरे साथ दरबार में चलना होगा और अकबर को भी यह फूल दिखाने होंगे बीरबल जी जानते थे कि वे क्या कर रहे हैं और उसमें उस आदमी का भला हो सकता है इसलिए उस आदमी को दरबार में लेकर जाते हैं अकबर पूछते हैं कि तुम किस आदमी के लाए हो और यह क्या कर रहा है तभी बीरबल जी कहते हैं कि यह बहुत ही अच्छे फूल बनाता है जो कि देखने में बहुत सुंदर है और उसकी कलाकारी मुझे बहुत पसंद आई है
यह सुनकर अकबर कहते हैं कि अगर यह बहुत अच्छे फूल बनाकर हमें दिखा सकता है तो हम इसे इनाम देंगे उसके बाद अकबर कहते हैं कि इसने तो बहुत अच्छे फूल बनाए हैं और यह इनाम का हकदार है इसलिए इनाम मिलना चाहिए और अकबर बहुत सारा धन देते हैं जिससे उसकी परेशानी दूर हो जाती हो रही है सब कुछ बीरबल की वजह से हुआ तब आदमी समझ गया था कि बीरबल जी उससे महल क्यों लेकर आए जिससे उस आदमी की मदद हो जाए और वह अपनी परेशानी से दूर हो जाए
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हमें भी जीवन में सभी की परेशानी को दूर करने के लिए उपाय करने चाहिए भले ही हमारे पास साधन कम हो but हम उनकी मदद तो कर ही सकते हैं अगर आपको यह कहानी पसंद आई तो आगे भी शेयर करें कमेंट करके हमें बताएं
kahaniya : रानी और गरीब आदमी की कहानी
kahaniya, आज रानी अपने महल से बाहर निकल गई थी, वह महल में काम करके बहुत ज्यादा थक चुकी थी, जिसकी वजह से वह घूमने के लिए बाजार की ओर गई थी, रानी को कोई भी नहीं पहचान रहा था, क्योंकि रानी ने अपनी वेशभूषा बदली हुई थी तभी रानी ने देखा कि एक आदमी को बहुत ही परेशान किया जाता है, वह आज बहुत ही गरीब लग रहा था और उसे पीटा जा रहा था, “kahaniya”
यह देखकर रानी को बहुत दुख हुआ but रानी अभी किसी से इस बारे में पूछ नहीं सकती थी वह चुपचाप से खड़े हुए देख रही थी क्योंकि रानी को यह नहीं पता था इसने क्या किया है, but आदमी ने जरूर कुछ ऐसा किया है कि जिसकी वजह से इसकी पिटाई हो रही है but हमें पूरी जांच करनी होगी और इस बारे में पता लगाना होगा कि ऐसा क्यों किया जा रहा है क्योंकि मुझे लगता है कि वह बहुत ही गरीब है रानी पास में खड़े हुए एक आदमी से पूछती है कि इसे क्यों पीटा जा रहा है तभी वह आदमी कहता है कि इस आदमी ने एक दुकान से चोरी की थी
सब कुछ मिला नहीं था हिंदी कहानी
जिसकी वजह से वह दुकान वाला परेशान हो गया उसकी पिटाई कर रहा है रानी को सब कुछ समझ में आ गया था but सोच रही थी कि है यह गरीब है शायद इसी वजह से उसने चोरी किया कोई काम होता है और धन की कोई कमी ना होती तो शायद यह नहीं करता कुछ समय बाद सभी लोग वहां से चले जाते हैं और वह गरीब आदमी बैठा हुआ रहता है क्योंकि जब उसकी पिटाई हुई तो उसे दुख हो रहा था और जिसकी वजह से चल भी नहीं पा रहा था रानी उसके पास गई और कहने लगी कि मैं आपकी मदद कर सकती हूं
वह रानी को देखता है और कहता है कि आप कौन है जो मेरी मदद करना चाहते हैं जबकि सभी लोगों ने मुझसे हमेशा दूरिया बनाई है आज मुझे बहुत भूख लग रही थी जिसकी वजह से मैंने चोरी किया और दुकान वाला मुझे पीट रहा था क्योंकि मुझे चोरी करते हुए देख लिया था मेरे पास कोई भी साधन नहीं है जिसकी वजह से मैं अपने जीवन को आगे बढ़ा सकता हूं मैंने बहुत जगह पर काम मांगने की भी कोशिश की थी but किसी ने मुझे कोई काम नहीं दिया जिसकी वजह से मैं परेशान हो गया और मेरे पास और कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था
मेरे घर पर सभी लोग भूखे हैं उन्हें भी खाने की बहुत अधिक समस्या हो गई है जिसकी वजह से उनकी सहायता कोई भी नहीं कर पा रहा है इसमें रानी को बहुत दुख हुआ था उसके साथ उसके घर पर जाती है और सभी तरह से उसे जानने की कोशिश करती हैं रानी को सब कुछ पता चल गया है कि यह बहुत गरीब है उसके पास कोई काम नहीं है तभी रानी ने कहा कि तुम्हें मेरे साथ चलना होगा रानी उसमें महल में ले आती है यह देखकर वह आदमी सोच में पड़ जाता है कि रानी मुझे महल लेकर क्यों आई है
बाद में पता चलता है कि वह रानी है जबकि वे उन्हें नहीं पहचान पा रहा था यह देखकर रानी से क्षमा मांगता है और कहता है कि मैंने आपको नहीं पहचाना रानी ने कहा कि इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है मैंने अपनी वेशभूषा बदल दी जिसकी वजह से कोई मुझे नहीं पहचान पा रहा था आज के बाद तुम मेरे महल में ही काम करोगे और तुम्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी आदमी खुश हो जाता है सोचता है कि जिस राज्य में रानी का राज होगा और रानी दयालु होगी
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उस राज्य में कभी भी कोई परेशानी नहीं हो सकती रानी कहती है कि ऐसी बात नहीं है हमें बहुत सी बातों का पता नहीं चल पाता जिसकी वजह से सभी लोग परेशान रहते हैं और आज बाजार की तरफ आ गई तो मुझे पता चल गया कि यहां पर बहुत अधिक समस्या हो रही है मैं तुम्हारी समस्या को दूर करने के लिए कोशिश कर सकती हूं हमें यह कहानी बताती है कि जीवन में सभी की परेशानियां दूर करने के लिए हमेशा तैयार रहो
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