Monday, 2 December 2019

Panchatantra ki kahaniya | panchatantra ki kahani | एक जादूगर की कहानी

Panchatantra ki kahaniya | Panchatantra ki kahani

एक जादूगर की कहानी : panchatantra ki kahaniya, एक बार साधू अपने चार शिष्य को यह कहकर गए की शाम को कुछ भी हो जाए पर अपनी झोपडी का दरवाजा मत खोलना (panchatantra ki kahani) इस बात का बहुत ध्यान रखना है तुम्हे में दो दिन बाद वापिस आ जायूँगा.

एक जादूगर की कहानी : panchatantra ki kahaniya

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panchatantra ki kahaniya

इस बात को कहकर साधू जी चले गए, (panchtantra ki kahaniya) दोपहर को शिष्यों ने अपने ज़रूरत का समान जंगल से ले आये जैसे की फलो का इंतज़ाम कर लिया और जंगल से कुछ लकडिया काट कर शाम से पहले अपने पास रख ली (panchtantra ki kahaniya) जिससे उन्हें बाद में जाना न पड़े क्योकि साधू जी ने शाम को बाहर निकले से मना किया हैचारो शिष्य अपने लिए भोजन तैयार कर रहे थे (panchtantra ki kahani)

 

तभी अचानक मौसम खराब होने लगा और सभी और हवा चलने लगी चारो शिष्य अपना खाना अंदर ले गए और बाहर अँधेरा हो चुका था जब शिष्य अपना भोजन कर रहे थे तभी दरवाजे पर दस्तक हुई और जब उन्होंने पूछा की कौन है तब बाहर से आवाज आयी की में एक मुसाफिर हु और मौसम खराब होने के कारण रास्ता भटक गया हु इसलिए कुछ देर के लिए मुझे आश्रय दे दे.

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सभी शिष्य आपस में बात करने लगे की साधू जी ने तो मना किया था की शाम होने पर दरवाजा मत खोलना अब क्या किया जाए वो एक मुसाफिर है और रात को कहा जाएंगे, कुछ देर बाद उन्होंने ने उसकी सहायता करने के लिए दरवाजा खोल दिया और जब दरवाजा खुला तो सामने एक जादूगर था जिसने उन्हें एक पक्षी बना दिया और अपने साथ लेकर चला गया  जब दो दिन बाद साधू वापिस आये तो उन्होंने देखा की कोई भी शिष्य यहां पर नहीं है साधू जी समझ गए की क्या हुआ होगा फिर साधू जी दिन में ही उस जादूगर की जगह पर गए और कहा की मेरे शिष्यों को छोड़ दो वरना तुम्हारा बहुत बुरा हाल होगा

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जादूगर जानता था की उसकी शक्तिया दिन में बेकार थी और शाम को जादूगर की शक्तिया आ जाती थी इसलिए जादूगर ने बिना कुछ कहे उन्हें जाने दिया और साधू जी अपने शिष्यों को लेकर अपने साथ चल पड़े तभी साधू ने कहा की तुमने मेरी बात क्यों नहीं मानी थी जबकि मेने तुम्हे बताया था की शाम को दरवाजा मत खोलना फिर भी तुमने दरवाजे को खोल ही दिया और मुसीबत में फंस गए साधू जी ने अपने शिष्यों को समझाया की तुम्हे अपने गुरु की बात कभी भी नहीं टालनी चाहिए क्योकि गुरु जानते है की किस्से क्या हो सकता है इसलिए जब भी गुरु अपना आदेश दे तो तुम्हे बिना सोचे विचारे वो कार्य करना चाहिए क्योकि जीवन के मार्ग को समझने के लिए गुरु की आज्ञा का पालन करना जरुरी है

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अब सभी शिष्य अपने गुरु की बात को समझ गए थे और जीवन में कभी भी कोई गलती न करने की बात कहते है   और अपने गुरु की आज्ञा का पालन करते है दोस्तों हमे सही मार्ग हमारे गुरु ही दिखाते है उनके मार्ग से ही हमे सही दिशा मिलती है, हमारे गुरु ही सही मार्गदर्शन कराते है जब हमे वह कुछ सिखाते है तो हमे सीखना चाहिए उनकी बातो को समझना चाहिए (panchtantra ki kahani) क्योकि उनकी बातो में ही सही ज्ञान छुपा हुआ था जो हमारे बहुत काम आता है जब आप उनकी बाते मानते है तो आपके जीवन का सही मार्ग खुल जाता है, एक जादूगर की कहानी, panchatantra ki kahaniya, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आगे भी शेयर करे और हमे भी बताये  

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