Monday, 23 December 2019

बिहाइंड द बार्स : भाग 4

मृणालिनी स्नानागार से नहा-धोकर लौटी तो उसका संगमरमर सा तराशा जिस्म चमक मार रहा था. गुलाबी चेहरे पर गजब की आभा थी और बालों में पानी की बूंदे मोतियों की तरह चमक रही थीं. जेल की लाल पट्टी वाली सफेद साड़ी में भी उसकी जवानी नये ताजे गुलाब सी खिली नजर आती थी. उसके इस रूप-लावण्य पर जेल के कई अधिकारी मोहित थे. मृणालिनी को देखते ही उनकी लार टपकती थी. मगर उसकी ओर हाथ बढ़ाने की हिमाकत अभी तक कोई नहीं कर पाया था. कई तो उसकी दबंगई पर ही फिदा थे. उसकी गालियों को संत का प्रसाद समझते थे. लेकिन मृणालिनी को छेड़ दें, ऐसी हिम्मत किसी में नहीं थी. जेल में पहले ही दिन से मृणालिनी ने नाक पर मक्खी नहीं बैठने दी. उस पर क्या, उसकी बैरक के आसपास की किसी भी कैदी औरत पर अगर कोई अधिकारी बुरी नजर डालता था, तो वह खड़े-खड़े उसकी इज्जत की बखिया उधेड़ देती थी. मां-बहन की गालियों से ऐसा नवाजती थी कि फिर वह भागता ही नजर आता था. एक बार तो उसने पेशी के दौरान अदालत पहुंचने पर एक अधिकारी की शिकायत जज साहब से कर दी थी और उसकी शिकायत को जज ने गम्भीरता से लेते हुए अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश दे डाले थे. मृणालिनी की शिकायत के चलते वह अधिकारी लंबे समय तक सस्पेंड रहा और विभागीय जांच का सामना करता रहा.

इस घटना से कैदियों के बीच मृणालिनी की इज्जत काफी बढ़ गयी थी. वह जेल की लेडी डॉन बन गयी थी. दरअसल देह की धंधे से लंबे समय तक जुड़ी रही मृणालिनी को पुरुषों की कामुक दृष्टि, उनकी लालसा, औरत को देखकर बदलने वाली उनकी गतिविधियां, हाव-भाव, बातें और इशारों की गहरी समझ थी. कोई पुरुष किसी स्त्री को किस दृष्टि से देख रहा है, वह उसके साथ किस हद तक फ्री होना चाहता है, वह हिम्मती है या डरपोक, अपनी इच्छा की पूर्ति कर पाएगा या नहीं, महिला उसकी ओर आकर्षित है या नहीं, यह तमाम बातें मृणालिनी पलक झपकते समझ जाती थी. जेल की किस महिला अधिकारी का टांका किस पुरुष अधिकारी से भिड़ा हुआ है, कौन सी कॉन्स्टेबल रात के अंधेरे में किस अधिकारी की अंकशायिनी बनती है, किस कैदी औरत की शारीरिक जरूरत संभाले नहीं संभल रही है, यह सब मृणालिनी की नजर से छिपता नहीं है.

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मृणालिनी को एक-एक कैदी औरत की हिस्ट्री मालूम है. बातों-बातों में वह इन औरतों से ऐसी बातें भी निकलवा लेती है जो पुलिस के डंडे नहीं निकलवा पाते. इसलिए इस जेल में मृणालिनी की धाक भी है.

हां, नोरा के प्रति मृणालिनी की सोच अन्य कैदियों से बिल्कुल अलग है. औरतों के स्वभाव और हरकतों के बारे में मृणालिनी का अनुभव नोरा के बारे में कुछ और राय कायम करता है. वह नोरा को अपराधी नहीं मानती है. नोरा जिस दिन से इस जेल में आयी है, मृणालिनी उसको पढ़ रही है. अपराधी औरतों के हावभाव ऐसे नहीं होते जैसे नोरा के हैं. नोरा सभ्रांत परिवार की सीधी और डरपोक लड़की लगती है. चुपचुप रहने वाली, रातों में आंसू बहानेवाली और भविष्य के प्रति एक आशंकित लड़की.

मृणालिनी जब औरतों की खरीद-फरोख्त का धंधा चलाती थी, तब उसके पास बरगला कर लायी गयी लड़कियां, खुद अपनी मर्जी से आने वाली लड़कियां, किडनैप करके लायी गयी लड़कियां, गांव-देहात की लड़कियां, शहर की चंचल लड़कियां,  नाबालिग बच्चियां और नेपाल से पैसा कमाने की लालसा में आने वाली लड़कियों की अच्छी खासी फौज होती थी, जिन्हें वे आॅर्डर्स पर बड़े-बड़े होटलों, क्लबों, फार्म हाउस या नेताओं-अधिकारियों की ऐशगाह में भेजा करती थी. यह तमाम लड़कियां स्वभाव और रहन-सहन में एक दूसरे से भिन्न होती थीं. भिन्न परिवेश, भिन्न आर्थिक और सामाजिक हालातों से आयी हुई होती थीं. कुछ को डरा-धमका कर, जोर-जबरदस्ती से धंधे पर लगाना होता था, तो बहुतेरी अपनी मर्जी से यह काम करना चाहती थीं. कुछ ऐसी थीं जो मृणालिनी के जरिए से बड़े ग्रहकों के पास जाना चाहती थीं. इन तमाम औरतों का मनोविज्ञान मृणालिनी भलीभांति समझती थी, लेकिन नोरा का मनोविज्ञान उन सभी से भिन्न था. जेल की अन्य कैदी औरतों से अलग थी वह. सात महीने पहले जब वह यहां आयी थी, तो बहुत टूटी हुई थी. बैरक के कोने में सिमटी-सिकुड़ी बैठी रहती थी. ज्यादातर खामोश रहती थी. ऐसा लगता था जैसे उसे कोई बड़ा आघात लगा था. कोई गहरा छल हुआ था उसके साथ.

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छल ही हुआ था. यह छल उसके अपने ने किया था. उसके फ्रेडरिक ने. जिसे उसने अपना सबकुछ समझा था. जिसे उसने अपनी आत्मा की गहराईयों से चाहा था, प्यार किया था. जिसके सिवा इस पूरी कायनात में नोरा को कोई भी नहीं था. उस फ्रेडरिक ने नोरा के साथ छल किया था.

हालांकि यह बात नोरा स्वीकार ही नहीं करना चाहती कि उसके फ्रेडरिक ने उससे छल किया है. लेकिन मृणालिनी ने जब से उसकी जिन्दगी की कहानी सुनी तब से वह एक बात कहती थी कि तुझे तेरे पति ने ही धोखा दिया है. अब तू माने या न माने, वह तुझे इस जेल से निकलवाने कभी नहीं आएगा. और नोरा इस इंतजार में थी कि एक दिन वह जरूर आएगा. हाय रे मोहब्बत….

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मृणालिनी स्नानागार से नहा-धोकर लौटी तो उसका संगमरमर सा तराशा जिस्म चमक मार रहा था. गुलाबी चेहरे पर गजब की आभा थी और बालों में पानी की बूंदे मोतियों की तरह चमक रही थीं. जेल की लाल पट्टी वाली सफेद साड़ी में भी उसकी जवानी नये ताजे गुलाब सी खिली नजर आती थी. उसके इस रूप-लावण्य पर जेल के कई अधिकारी मोहित थे. मृणालिनी को देखते ही उनकी लार टपकती थी. मगर उसकी ओर हाथ बढ़ाने की हिमाकत अभी तक कोई नहीं कर पाया था. कई तो उसकी दबंगई पर ही फिदा थे. उसकी गालियों को संत का प्रसाद समझते थे. लेकिन मृणालिनी को छेड़ दें, ऐसी हिम्मत किसी में नहीं थी. जेल में पहले ही दिन से मृणालिनी ने नाक पर मक्खी नहीं बैठने दी. उस पर क्या, उसकी बैरक के आसपास की किसी भी कैदी औरत पर अगर कोई अधिकारी बुरी नजर डालता था, तो वह खड़े-खड़े उसकी इज्जत की बखिया उधेड़ देती थी. मां-बहन की गालियों से ऐसा नवाजती थी कि फिर वह भागता ही नजर आता था. एक बार तो उसने पेशी के दौरान अदालत पहुंचने पर एक अधिकारी की शिकायत जज साहब से कर दी थी और उसकी शिकायत को जज ने गम्भीरता से लेते हुए अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश दे डाले थे. मृणालिनी की शिकायत के चलते वह अधिकारी लंबे समय तक सस्पेंड रहा और विभागीय जांच का सामना करता रहा.

इस घटना से कैदियों के बीच मृणालिनी की इज्जत काफी बढ़ गयी थी. वह जेल की लेडी डॉन बन गयी थी. दरअसल देह की धंधे से लंबे समय तक जुड़ी रही मृणालिनी को पुरुषों की कामुक दृष्टि, उनकी लालसा, औरत को देखकर बदलने वाली उनकी गतिविधियां, हाव-भाव, बातें और इशारों की गहरी समझ थी. कोई पुरुष किसी स्त्री को किस दृष्टि से देख रहा है, वह उसके साथ किस हद तक फ्री होना चाहता है, वह हिम्मती है या डरपोक, अपनी इच्छा की पूर्ति कर पाएगा या नहीं, महिला उसकी ओर आकर्षित है या नहीं, यह तमाम बातें मृणालिनी पलक झपकते समझ जाती थी. जेल की किस महिला अधिकारी का टांका किस पुरुष अधिकारी से भिड़ा हुआ है, कौन सी कॉन्स्टेबल रात के अंधेरे में किस अधिकारी की अंकशायिनी बनती है, किस कैदी औरत की शारीरिक जरूरत संभाले नहीं संभल रही है, यह सब मृणालिनी की नजर से छिपता नहीं है.

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मृणालिनी को एक-एक कैदी औरत की हिस्ट्री मालूम है. बातों-बातों में वह इन औरतों से ऐसी बातें भी निकलवा लेती है जो पुलिस के डंडे नहीं निकलवा पाते. इसलिए इस जेल में मृणालिनी की धाक भी है.

हां, नोरा के प्रति मृणालिनी की सोच अन्य कैदियों से बिल्कुल अलग है. औरतों के स्वभाव और हरकतों के बारे में मृणालिनी का अनुभव नोरा के बारे में कुछ और राय कायम करता है. वह नोरा को अपराधी नहीं मानती है. नोरा जिस दिन से इस जेल में आयी है, मृणालिनी उसको पढ़ रही है. अपराधी औरतों के हावभाव ऐसे नहीं होते जैसे नोरा के हैं. नोरा सभ्रांत परिवार की सीधी और डरपोक लड़की लगती है. चुपचुप रहने वाली, रातों में आंसू बहानेवाली और भविष्य के प्रति एक आशंकित लड़की.

मृणालिनी जब औरतों की खरीद-फरोख्त का धंधा चलाती थी, तब उसके पास बरगला कर लायी गयी लड़कियां, खुद अपनी मर्जी से आने वाली लड़कियां, किडनैप करके लायी गयी लड़कियां, गांव-देहात की लड़कियां, शहर की चंचल लड़कियां,  नाबालिग बच्चियां और नेपाल से पैसा कमाने की लालसा में आने वाली लड़कियों की अच्छी खासी फौज होती थी, जिन्हें वे आॅर्डर्स पर बड़े-बड़े होटलों, क्लबों, फार्म हाउस या नेताओं-अधिकारियों की ऐशगाह में भेजा करती थी. यह तमाम लड़कियां स्वभाव और रहन-सहन में एक दूसरे से भिन्न होती थीं. भिन्न परिवेश, भिन्न आर्थिक और सामाजिक हालातों से आयी हुई होती थीं. कुछ को डरा-धमका कर, जोर-जबरदस्ती से धंधे पर लगाना होता था, तो बहुतेरी अपनी मर्जी से यह काम करना चाहती थीं. कुछ ऐसी थीं जो मृणालिनी के जरिए से बड़े ग्रहकों के पास जाना चाहती थीं. इन तमाम औरतों का मनोविज्ञान मृणालिनी भलीभांति समझती थी, लेकिन नोरा का मनोविज्ञान उन सभी से भिन्न था. जेल की अन्य कैदी औरतों से अलग थी वह. सात महीने पहले जब वह यहां आयी थी, तो बहुत टूटी हुई थी. बैरक के कोने में सिमटी-सिकुड़ी बैठी रहती थी. ज्यादातर खामोश रहती थी. ऐसा लगता था जैसे उसे कोई बड़ा आघात लगा था. कोई गहरा छल हुआ था उसके साथ.

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छल ही हुआ था. यह छल उसके अपने ने किया था. उसके फ्रेडरिक ने. जिसे उसने अपना सबकुछ समझा था. जिसे उसने अपनी आत्मा की गहराईयों से चाहा था, प्यार किया था. जिसके सिवा इस पूरी कायनात में नोरा को कोई भी नहीं था. उस फ्रेडरिक ने नोरा के साथ छल किया था.

हालांकि यह बात नोरा स्वीकार ही नहीं करना चाहती कि उसके फ्रेडरिक ने उससे छल किया है. लेकिन मृणालिनी ने जब से उसकी जिन्दगी की कहानी सुनी तब से वह एक बात कहती थी कि तुझे तेरे पति ने ही धोखा दिया है. अब तू माने या न माने, वह तुझे इस जेल से निकलवाने कभी नहीं आएगा. और नोरा इस इंतजार में थी कि एक दिन वह जरूर आएगा. हाय रे मोहब्बत….

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December 24, 2019 at 10:11AM

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