Sunday, 25 August 2019

Jadui chakki ki kahani and jadui chakki ki new kahani

Jadui chakki ki kahani and jadui chakki ki new kahani

जादुई चक्की की कहानी (Jadui chakki ki kahani) बहुत पुरानी है, एक गांव में रामू नाम का आदमी रहता था वह बहुत ही गरीब था उसका परिवार बहुत मुश्किल में था क्योकि वह अपने परिवार को कोई भी सुविधा नहीं दे पाता था, जिससे उसका परिवार मुश्किल में था मगर वह तो यही बात सोचता था की जो भी भगवान करते है वह अच्छा ही करते है यह भी हो सकता है की भगवान ने उनके लिए कुछ अच्छा ही सोचा होगा जिसे वह वक़्त आने पर ही देंगे

जादुई चक्की की कहानी : Jadui chakki ki kahani

jadui chakki ki kahani

jadui chakki ki kahani

एक दिन रात को रामू सो रहा था तभी वह सपना देखता है की उसके पास एक जादुई चक्की (jadui chakki) आती है वह उस जादुई चक्की (jadui chakki) से अपने लिए बहुत तरह के सामान मगाता है जिससे उसके सामने सभी समस्या खत्म हो रही है वह जादुई चक्की उनके लिए हर तरह का आटा पीस सकती है वह भी सिर्फ नाम लेकर ही ऐसा हो जाता था, रामू को सपना बहुत अच्छा लग रहा था मगर यह सपना कितनी देर तक था यह बात रामू को जब पता चलती है जब उसका सपना टूट जाता है क्योकि सुबह होती है वह उठ जाता है    

 

जब सुबह हो जाती है तो रामू उठ जाता है और अपनी पत्नी से यह बात कहता है की आज मेने सपने में जादुई चक्की देखी थी यह चक्की हमारे लिए सभी काम कर रही थी पत्नी ने कहा की यह तो सपना है मगर हकीकत में ऐसा नहीं है तुम जाग गए हो और इस तरह के सपने सच नहीं होते है सच में हमारी हालत तो बहुत खराब है हम कुछ भी नहीं कर पाते है रामू भी इस बात को समझ गया था

 

रामू अपने काम पर जाता है मगर वह जादुई चक्की का सपना भुला नहीं था उसे याद था की नदी किनारे में उसे वह जादुई चक्की (jadui chakki) मिली थी अब रामु को लग रहा था की शायद हमारा सपना पूरा हो सकता है वह नदी किनारे पर जाता है मगर वहा पर कोई भी जादुई चक्की (jadui chakki) नहीं है वह उदास हो जाता है तभी उसे एक नाव आती हुई नज़र आती है इस नाव में तो कोई भी नहीं है रामू उस नाव की और जाता है और कहता है की इसमें कोई नहीं है मगर एक चक्की रखी हुई है इसका मतलब मेरा सपना पूरा हो गया है  

 

वह जादुई चक्की (jadui chakki) जो मेरे सपने में थी वह यहां पर रखी हुई है वह बहुत खुश हो जाता है आज उसका सपना पूरा हो गया था वह उस जादुई चक्की को लेता है और घर चला जाता है वह अपत्नी के पास जाता है और कहता है की मेरा सपना पूरा हो गया है यह जादुई चक्की (jadui chakki) मुझे मिल गयी है पत्नी देखती है और कहती है की यह बात तो सच है यह काम कैसे करती है क्या तुम्हे पता है

 

वह आदमी कहता है की इस जादुई चक्की के सामने जो भी नाम लिया जायेगा उसके बाद वह काम करने लगेगी हमे जो भी चाहिए यह दे सकती है मगर पत्नी को इस बात पर कोई विश्वाश नहीं था रामु ने कहा की हमारी घर में बहुत सारा आटा आ जाए उसके बाद चक्की चलने लगती है और बहुत सारा आटा आ जाता है उसके बाद रामू कहता है की मुझे बहुत सारी दाल मिल जाए वह जादुई चक्की (jadui chakki) दाल भी पीस देती है आज रामू का परिवार भर पेट खाना खा रहा था आज उसे लग रहा था की भगवान हमेशा अच्छा करते है  

 

अब उनके दिन बदलने वाले थे क्योकि उन्हें अब खाना मिल गया था आज उन्हें कोई कमी नहीं था भले ही उन्होंने धन का लालच नहीं किया था क्योकि वह उस जादुई चक्की से अपने लिए खाना ही मंगवाते थे उन्हें जब भी भूख लगती है वह उस जादुई चक्की (jadui chakki) से अपने लिए भोजन की व्यवस्था कर चुके होते है पत्नी भी अब जानती थी की अब हमे मुसीबत का सामना नहीं करना होगा उनका पड़ोसी यह सब देख रहा था की आज उनके पास खाने को सब कुछ है

 

जबकि ऐसा समय भी था जब उनके पास कुछ नहीं था जरूर इसके पीछे कुछ ऐसा है जो मुझे पता नहीं है वह भी यह देखने के लिए रात को उनके घर के पास खड़ा हो जाता है क्योकि वह इस बता को जानना चाहता था की यह सब कुछ कैसे हो रहा है वह खिड़की के पास खड़ा हुआ था और देख रहा था एक जादुई चक्की (jadui chakki) यह सब कुछ कर रही है उसे विश्वाश नहीं होता है मगर जब वह देख रहा था तो उसे अब यकीन हो गया था की यह सब कुछ वह जादुई चक्की (jadui chakki) कर रही है 

 

वह पड़ोसी अब उस जादुई चक्की को लेना चाहता था क्योकि वह सब कुछ कर सकती है वह अपने घर जाता है और कहता है की हमे यह गांव आज रात को ही छोड़ना होगा क्योकि अगर हम यहां पर रहते है तो वह जादुई चक्की कोई भी ले जा सकता है उसकी पत्नी कहती है की यह जादुई चक्की (jadui chakki) क्या करती है उसका पति कहता है की यह सब कुछ कर सकती है हमे धन  भी दे सकती है

 

वह पड़ोसी उनके घर से वह जादुई चक्की को चुरा लेता है क्योकि उसे पता है की यह जादुई चक्की सब कुछ कर सकती है वह कहता है की अब मेरे पास यह चक्की आ गयी है अब हमे यहां से चलना होगा वह पड़ोसी उस जादुई चक्की  को लेकर जाता है उसे पता है की अब हमारा यहां पर रहना ठीक नहीं होगा वह एक नाव से दूसरे गवा में जा रहे थे लेकिन उसकी पत्नी को विश्वाश नहीं था इसलिए वह कहती है की हमे इस जादुई चक्की (jadui chakki) से कुछ मांगना चाहिए उसके बाद यह पता चल जाएगा की यह जादुई चक्की  काम कर रही है या नहीं,  

 

वह पड़ोसी कहता है की तुम्हे यकीन नहीं होता है मगर मुझे यकीन है क्योकि मेने उन्हें ऐसा करते देखा था वह जादुई चक्की (jadui chakki) से कहता है की हमे बहुत सारी दाल दे वह चक्की चलती है और उन्हें दाल देती है मगर रूकती नहीं है वह आदमी कहता है की मुझे पता नहीं इसे कैसे रोकते है उसके बाद वह नाव वजन से डूब जाती है इस तरह यह कहानी हमे यही कहती है की हमे कभी भी गलत काम नहीं करना चाहिए, उसके पड़ोसी ने यह जादुई चक्की की चोरी की थी, जादुई चक्की की कहानी (Jadui chakki ki kahani) अगर आपको यह कहानी पसंद आती है तो शेयर जरूर करे 

 

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