New advice baccho ki kahani 2019 | Baccho ki kahaniya
बच्चों को मिली सीख कहानी : baccho ki kahani, बच्चों की यह कहानी (baccho ki kahaniya) आपको पसंद आएगी यह बच्चो की कहानियां (baccho ki kahaniya) हमे कुछ बताती है, जिससे हम जीवन में कभी भी अपना रास्ता न भूले यह बच्चों की कहानी (baccho ki kahani) हमे यह भी कहती है की जीवन में आपको सही फैसले लेने चाहिए क्योकि आपका एक गलत फैसला बहुत भारी पड़ सकता है अब हम बच्चों की कहानी में आगे बढ़ते है,
यह बात उस समय की है जब एक गांव में दो बहुत ही अच्छे दोस्त रहते थे, वह हमेशा साथ में खलते थे एक दिन वह खलते हुए हुए काफी दूर चले गए थे वह अपने गांव से काफी दूर आ गये थे, जब उन्होंने देखा की हम तो बहुत दूर आ गए है तो उन्हें यही लग रहा था की हमे वापिस जल्दी ही जाना होगा क्योकि अब रात होने वाली है, वह दोनों बच्चे (baccho ki kahani) साथ में बाते करते हुए जा रहे थे तभी उन्हें एक आदमी मिलता है वह कहता है की तुम यहां पर इस समय क्या कर रहे हो, वह दोनों बच्चे (baccho ki kahaniya) यही कहते है की हम अपने घर जा रहे है हमे देर हो गयी है
वह आदमी कहता है की तुम रात में कैसे जाओगे तुम ऐसा करो की मेरे साथ मेरे घर पर चलो और सुबह होते ही चले जाना उनमे से एक दोस्त कहने लगा की हम अपने घर नहीं गए तो हमारे घर पर सभी परेशान होंगे वह आदमी कहने लगा की तुम इस बात की चिंता न करो मेरे पास एक तोता है यह तुम्हारे घर पर यह खबर पहुंचा देगा की तुम मेरे पास हो वह आदमी उन दोनों बच्चो (baccho ki kahani) के सामने एक खत लिखता है और उसमे यह बता कहता है की आपके बच्चे मेरे पास है कल सुबह होते ही आ जाएंगे
वह दोनों बच्चे (baccho ki kahaniya) बात को मान जाते है उसके सतह चले जाते है क्योकि उनके सामने ही उसने खत लिखा था मगर वह दोनों बच्चे नहीं जानते है की यह गलत आदमी है उन्हें उसके सतह नहीं जाना चाहिए था वह उसके घर पहुंच जाते है उसके बाद वह आदमी कहता है की तुम यहां पर आराम करो और सुबह होते ही यहां से चले जाना वह दोनों बच्चे बात मान जाते है और आराम करने लगते है कुछ देर में उन्हें कुछ आवाज आती है
वह आदमी किसी से बात कर रहा था मगर वह बात क्या कर रहा है वह दोनों बच्चे (baccho ki kahani) सुनते है उसके बड़ा उन्हें पता चलता है की यह आदमी हमे यहां पर ले आया है यह हमारे मदद नहीं करने वाला है यह तो गलत है उन्हें लगता है की हमे यहां से जाना चाहिए वह कमरे की छत पर जाते है उस जगह से निकलने की कोशिश करते है उन्हें रास्ता मिल जाता है वह मकान की छत से होकर नीचे उतर जाते है वह ऐसे भाग जाते है रात हो चुकी थी उन्हें रास्ता नज़र नहीं आ रहा था मगर उन्हें यहां से जाना था
वह अँधेरे में ही आराम से चल रहे थे उन्हें डर भी लग रहा था की कही वह आदमी उनके पीछे तो नहीं आ रहा है मगर जब वह पिछते देखते है तो उन्हें नज़र नहीं आता है इसका मतलब यह है की उसे पता नहीं चल पाया था की हम वहा से भगा गए है मगर रास्ता उन्हें नहीं मिल रहा था उन्हें तो कुछ भी समझ नहीं आ रहा था मगर आज वह उसकी बात न मानते तो अच्छा होता क्योकि आज वह इस समय अपने घर पर होते उनका गांव कुछ ही दुरी पर था मगर रात में चलना आसान नहीं था कुछ नज़र भी नहीं आ रहा था
वह सर एक रास्ते पर चल रहे थे उन्हें तो वही रास्ता नज़र आ रहा था उसे पर चले जा रहे थे कुछ समय बाद उन्हें गवा नज़र आता है अब वह उस गांव को देखकर बहुत खुश हो जाते है क्योकि वह तो यही समझ रहे थे की आज गांव में नहीं पहुंच पायंगे वह दोनों बच्चे गवा में आ चुके थे कुछ लोग उन्हें ही ढूढ़ रहे थे क्योकि वह घर पर नहीं आये थे उनके बारे में कोई खबर भी नहीं थी कोई तोता नहीं आया था वह दोनों बच्चे (baccho ki kahaniya) समझ गए थे की आज वह बहुत मुश्किल से बच पाए है
उन दोनों बच्चो से पूछा जाता है की तुम इतने समय तक कहा थे तुम्हारे बारे में कोई खबर नहीं थी, उसके बाद दोनों बच्चो ने बता दिया था की वह दोनों किस तरह उस मुश्किल से बच पाए थे वह आदमी उन्हें अपने घर ले गया था और सुबह भेजने को कह रहा था मगर हमने बात सुन ली थी. उसके बाद हम वहा से भगा आये थे अब पता चल गया था की क्या हुआ था
यह बच्चो की कहानी (baccho ki kahani) हमे यही बताती है की जीवन में कभी भी अनजान आदमी की बात नहीं माननी चाहिए और न ही उसके साथ जाना चाहिए क्योकि कोई नहीं जनता है की वह आदमी कैसा है इसलिए आपको बड़े ध्यान से निर्णय लेना चाहिए अगर आपको यह बच्चो की कहानी (baccho ki kahani), (baccho ki kahaniya), पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये.
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