love story in hindi
अनदेखा प्यार की कहानी, love story in hindi, short love story in hindi, यह प्यार की बातें उस दिन से शुरू होती है जब पहली बार उसने मेघा को देखा था मेघा बहुत ही अच्छी लड़की थी.
अनदेखा प्यार की कहानी : love story in hindi
love story in hindi
वह सभी की मदद किया करती थी और वह दसवीं कक्षा में पढ़ती थी उसका यह मानना था कि अगर हम जीवन में सभी की मदद कर सकते हैं तो इससे जीवन में आने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है इसलिए मेघा का मन हमेशा दूसरों की मदद करने में लगा रहता था वह जब भी स्कूल से घर आती थी अगर किसी को कोई जरूरत होती थी वह उसकी जरूरत को पूरा कर देती थी मेघा का विचार बहुत ही अच्छा था मेघा की ही कक्षा में राकेश नाम का लड़का पढ़ता था राकेश का मन पढ़ाई में कम लगता था उसका तो यही मानना था कि अगर हम पास हो जाते हैं तो वही बहुत अच्छा है
लेकिन जब से उसने मेघा को देखा था तब से वह मेघा की बारे में सोचा करता था और उससे बात करने की कोशिश भी करता था जब भी राकेश मेघा से बात करने आता था तो मेघा बात करना पसंद नहीं करती थी क्योंकि उसे यह सब अच्छा नहीं लगता था कि एक लड़का एक लड़की से बात करता है जब भी मेघा राकेश को मना कर देती राकेश को गुस्सा आ जाता था लेकिन वह क्या कर सकता है क्योंकि जब मेघा का ही बात करना नहीं चाहती है तो वह कुछ नहीं कर सकता है
इसलिए वह वापस चला जाता है लेकिन राकेश हमेशा यही कोशिश करता है कि वह से बात करें 1 दिन स्कूल की छुट्टी हो गई थी सभी लड़के-लड़कियां घर जा रहे थे और मेघा भी अपने घर जा रही थी तभी मेघा ने देखा कि एक बुढ़िया पानी की तलाश कर रही है मेघा को ऐसा लगा कि वह बुढ़िया पानी की तलाश कर रही है इसलिए मुझे उसकी मदद करनी चाहिए उसने अपने बैग से बोतल निकाली और बढ़िया को पानी दिया बुढ़िया ने पानी पिया और कहा कि तुम बहुत ही अच्छी लड़की हो
मेघा ने कहा कि अगर मुझे प्यास लगती तो जरूर कोई ना कोई मुझे पानी जरूर देता और मैंने भी ऐसा ही किया है इसमें तारीफ करने की जरूरत नहीं है यह सब कुछ राकेश दूर खड़ा हुआ देख रहा था राकेश का मन मेघा की तरफ बहुत ज्यादा हो चुका था क्योंकि वह उससे प्यार करने लगा था लेकिन मेघा इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी क्योंकि उसे यह सब अच्छा नहीं लगता था राकेश ने देखा कि मेघा घर जा रही है और वह भी उसके पीछे पीछे जाने लगा
राकेश मेघा के पीछे जा रहा था मेघा को इस बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था जब मेघा घर के कुछ ही दूरी तक पहुंची थी तभी राकेश उसके नजदीक आ गया और कहने लगा कि रुको मुझे तुमसे बात करनी है मेघा ने पीछे मुड़कर देखा तो राकेश सामने खड़ा था राकेश को देखकर में मेघा ने का है कि तुम्हें और कोई काम नहीं है जो तुम मेरा पीछा कर रहे हो जबकि यह अच्छी बात नहीं है राकेश ने कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूं इसलिए तुम्हारा पीछा कर रहा हूं मेघा ने कहा कि मैंने तुमसे पहले ही कहा था कि ऐसा मुझे अच्छा नहीं लगता है इसलिए तुम यह सब बातें मुझसे ना करो तो ही अच्छा होगा
राकेश ने कहा कि मुझे तुमसे बात करना अच्छा लगता है इसलिए मैं तुम्हारे पीछे पीछे आया तो तुम मुझसे बात करना पसंद क्यों नहीं कर रही हो जबकि तुम्हें मुझसे बात करनी चाहिए मैं बहुत बार यह कह चुका हूं कि मैं तुमसे प्यार करता हूं लेकिन तुमने मेरी एक भी बात नहीं मानी मेघा ने कहा कि मैंने पहले ही तुम्हें बता दिया कि यह मुझे पसंद नहीं है और तुम हमेशा मेरा ही पीछा क्यों करते हो तुम्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए तुम बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं करते हो मुझे पता है की कक्षा में तुम्हें कुछ भी नहीं आता है जब क्लास टीचर ने तुम से सवाल किया था तो तुमने उसका जवाब भी नहीं दिया और इसके लिए तो तुम्हे मार भी पड़ी थी
जबकि यह अच्छी बात नहीं है तुम्हारा मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं है और ऐसी बातें तुम्हें करना पसंद है राकेश जानता था कि उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता है जब भी पढ़ाई की बात होती है तो वह दूसरी और देखने लगता है और जब मेघा ने यह बातें की तो अपने आप ही वापस जाने लगा मेघा अपने घर की ओर जाने लगी और सोचने लगी कि जब भी पढ़ाई की बात की जाती है तो यह दूसरी तरफ जाने लगता है यानी इसका मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं है और दूसरी बातों में इसका मन बहुत ज्यादा चलता है
कुछ दिन बाद ही दसवीं कक्षा के एग्जाम शुरू हो जाएंगे और इसे कुछ भी नहीं आता मुझे तो ऐसा लगता है कि यह जीवन में कभी कुछ नहीं कर पाएगा कुछ दिन बाद ही दसवीं के एग्जाम शुरू हो जाते हैं और सभी बच्चे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू करते हैं राकेश भी अपनी पढ़ाई कर रहा था अब मेघा से नहीं मिलता है और ना ही उस बारे में बात करना चाहता क्योंकि से पता चल चुका था कि पढ़ाई बहुत जरूरी है शायद मेघा की कई बातों को समझ चुका था और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहा था
उसे लग रहा था कि अगर मैं पढ़ाई अच्छे से करता हूं तो शायद मेघा मेरी ओर ध्यान दे सके लेकिन जब तक मैं नहीं पढ़ लूंगा तब तक वह ध्यान नहीं देगी समय बीत चुका था और धीरे-धीरे राकेश अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था और कुछ दिनों बाद ही परिणाम आने वाला था इस बार राकेश पास ही हो पाया था वह अच्छे नंबर से तो नहीं हो पाया था लेकिन पास हो गया था उधर मेघा बहुत अच्छे नंबर से पास हुई थी क्योंकि उसे तो यह लगता था कि अगर हम पढ़ाई करते हैं तो अच्छे नंबर ला सकते हैं
इस तरह उसका जीवन ही बदल गया उसके बाद राकेश ने कभी उनसे मुलाकात नहीं की और उनका स्कूल भी बदल गया था राकेश मेघा से बहुत कुछ सीख गया था कि जीवन में उसे क्या करना चाहिए और किस बारे में विचार करना चाहिए और उसी के अनुसार वह चल रहा था, अनदेखा प्यार की कहानी, love story in hindi, short love story in hindi, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर कर सकते है.
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