love story in hindi 2019
love story in hindi 2019, सच्चे प्यार की उदासी कहानी, प्यार कभी भी हो सकता है यह कुछ नहीं देखता है ऐसा ही कुछ संजीव के साथ हुआ था संजीव पहली बार कॉलेज आया था.
love story in hindi 2019 : सच्चे प्यार की उदासी कहानी
love story in hindi 2019
वह किसी को भी वहां पर नहीं जानता था उसके लिए सभी लोग नये थे उसका पहला दिन बहुत ही मुश्किल से गया था क्योंकि वह किसी को भी पहचानता नहीं था, संजीव वैसे तो बहुत अच्छा लड़का था लेकिन उसने कभी भी किसी से प्यार नहीं किया था जब उसे प्यार हुआ तो समझ चुका था कि प्यार से बढ़कर कुछ भी नहीं है वह अपने कॉलेज में हर रोज आया करता था संजीव बहुत ही कम छुट्टियां लिया करता था वह तो यही सोचता था कि जितना हम पढ़ सकते हैं उतना ही हमारे लिए वह कम होता है
इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा पढ़ना चाहिए संजीव रेनू को बहुत पसंद करता था वह हर रोज देखा करता था और उसी के बारे में सोचा करता था संजीव पढ़ाई में बहुत अच्छा था लेकिन वह धीरे धीरे रेनू को पसंद करने लगा था और हर रोज यही सोचा करता था कि उससे कैसे बात की जाए संजीव का एक दोस्त सुरेश था वह उसी के साथ बैठा करता था सुरेश भी लगभग संजीव जैसा ही था दोनों की उम्र एक जैसी थी संजीव ने अपनी बात सुरेश से बताएं कि वह रेनू को बहुत पसंद करता है
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लेकिन सुरेश ने कहा कि हमें पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए अगर हम इन बातों पर ध्यान देंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे मगर संजीव अब आगे ही बढ़ना चाहता था संजीव यही सोच रहा था कि किसी भी तरह उससे मुझसे बात की जाए और वह सुरेश की बातों पर ना ध्यान देकर रेनू से बात करने की योजना बना रहा था और एक दिन संजीव में रेनू से बात करने के लिए आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन तभी रेनू ने उससे बात करना पसंद नहीं किया क्योंकि वह नहीं जानती थी कि संजीव कौन है क्योंकि संजीव पहली बार उस शहर में आया था और उस कॉलेज में भी वह पहले की तरह नया था लेकिन धीरे-धीरे लगातार कोशिश करने के बाद आखिरकार संजीव ने रेनू से बात करना शुरू कर दिया और रेनू भी संजीव धीरे-धीरे पसंद आने लगा दोनों बातचीत करने लगे सभी मुश्किलों से दूर होकर संजीव रेनू से कॉलेज से बाहर भी बात करनी शुरू कर दी और साथ साथ घूमने लगे
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इस बात का पता संजीव के दोस्त को लग गया और वह कहने लगा कि तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर तुम ऐसा करते हो और कोई देख लेता है तो यह अच्छी बात नहीं होती लेकिन संजीव उसकी बात मानने को तैयार नहीं था संजीव की बातें रेनू के साथ चल रही थी लेकिन धीरे-धीरे समय बीतता गया और एग्जाम भी आ गए उसके बाद सभी लोग एग्जाम की तैयारी करने लगे और जब एग्जाम पूरे हुए तो रेनू को वहां से जाना पड़ा क्योंकि उसके पापा जिस कंपनी में काम करते थे वहीं दूसरी कंपनी में छोड़कर जाना पड़ा था जिसकी वजह से संजीव हो रेनू अलग हो गए थे और संजीव को आज भी यह बात याद आती है कि वह दिन बहुत अच्छे थे जब हम साथ में बातें करते थे संजीव का प्यार ज्यादा नहीं चल पाया था लेकिन उसे वह दिन बहुत अच्छे से याद हैं जिनको वह बिल्कुल भी भूल नहीं सकता था
संजीव ने जब यह बात अपने दोस्त सुरेश को बताई तो उसके दोस्त ने कहा कि मैंने तो पहले ही कहा था कि तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए लेकिन तुम नहीं मान रहे थे अब वह चली गई है तो अब तुम्हें सोचने की जरूरत नहीं है अब कुछ भी नहीं हो सकता संजीव को सुरेश ने बहुत समझाया था कि तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था तुम्हें इस प्यार को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए था जब तुम इसे आगे बढ़ा चुके थे तब तक बहुत देर हो चुकी थी तुम सुनने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थे अब वह चली गई है तो अब तुम इस बारे में क्यों सोचते हो सुरेश ने संजीव को बहुत समझाया था कि तुम्हें रेनू से प्यार नहीं करना चाहिए था लेकिन रेनू से प्यार करके अपनी जिंदगी के खुशी के कुछ पल जो तुम्हारे साथ हो सकते थे वह भी धीरे-धीरे कम हो गए है अब तुम ज्यादातर उदास रहते हो वह वापस नहीं आने वाली है
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क्योंकि वह यह शहर छोड़ कर चली गई है अब तुम्हें अपना मन पढ़ाई पर लगाना होगा और मैं जानता हूं कि यह बहुत मुश्किल है लेकिन तुम्हें यह करना होगा नहीं तो तुम धीरे धीरे अंदर से टूटते चले जाओगे संजीव सुरेश की बात धीरे-धीरे सुन रहा था वह जानता था कि सुरेश ने उसे बहुत बार रोका था लेकिन संजीव सुनने को तैयार नहीं था जिसके कारण आज उसे यह भुगतना पड़ रहा है संजीव ने सुरेश से कहा कि मुझे इस तरह अपना मन उदास नजर आता है मुझे तुम ऐसा उपाय बताओ जिससे कि मैं यह समस्या दूर कर सकें सुरेश ने कहा कि धीरे-धीरे तुम्हें भूलना होगा उन यादों को भी धीरे-धीरे मिटाना होगा जो तुमने साथ में बनाई थी क्योंकि अगर वह यादें तुम्हारे साथ चलते रहेंगे तो तुम जीवन में उदास रहोगे तुम्हें यह उदासी भी दूर करनी होगी अपना मन काम में लगाना होगा अपनी पढ़ाई में लगाना होगा
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संजीव सुरेश की बात सुन रहा था लेकिन आसान नहीं था वह जानता था कि अगर वह भूलना भी चाहें तो जल्दी से वह भुला नहीं सकता था अब क्या करें अब तो वे अफसोस ही कर सकता है सुरेश ने कहा कि तुम्हें ज्यादा से ज्यादा समय अपना पढ़ाई पर देना होगा तभी तुम कुछ कर सकते हो धीरे-धीरे यह वक्त भी बीत जाएगा और तुम उन यादों को भी धीरे-धीरे भुला दोगे इसमें समय का इसमें बहुत बड़ा हाथ है
प्यार करना आसान होता है मगर जब यह प्यार टूट जाता है तो बहुत दुःख होता है इसलिए प्यार करने से पहले बहुत बार सोचना चाहिए क्योकि यह तुम्हे उदासी की और ले जाता है, love story in hindi 2019, सच्चे प्यार की उदासी कहानी, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर भी कर सकते है.
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